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- روزیکه من ز درگهی عشقت بدر شدم
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- با درد ها و غصه و غم مبتلا شدم
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- نفس آریم برون شمس و قمر می سوزد
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- افتاده زار و خون جگرم وقتی نیستی
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- گر شیشــــه ای قلب من شکستی خیر است
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- بازوی قدرت است که توان موج میزند
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- دوریم ز عشاق زمان و انسی چند
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- بودم نیامدی و نبودم نیامدی
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- چه زخم های جگر سوز خورده است بدنم
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- مه من از پس این ابر گردون دیدنت نازم
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- اصل آدم اگر روا گردد
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- خطا ز خویش رها کن صواب را دریاب
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- فدای حسنِ زیبایت شوم من
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- مشو تو همچو شه محمود کس ایاز تو نیست
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- ز هجرانت کشیدم غم از این غباره تر بادا
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- افتاده به پیش قدمت کوهی گران است
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- بر ِ مطرب ِ بد آموز دف و چنگ می فرستم
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- ز وضع نا رسایی چشم خونبار اینچنین باید
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- عطر ز بوی معنی چون من شمیده رفتن
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- عشق تا جولان عیانی می کند
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